Child Development and Pedagogy Part 18

Child Development and Pedagogy Part 18

Child Development and Pedagogy Part 18

  • व्‍यक्तिगत विभिन्‍नताओं को ध्‍यान में रखते हुए विद्यार्थियों के शिक्षण के लिए प्रायोजना पद्धति के निर्माता थे –किलपैट्रिक
  • प्रोजेक्‍ट विधि का प्रयोग सबसे पहले सामाजिक विज्ञान में किसने किया – किलपैट्रिक
  • मानसिक विप्‍लव करने के‍ लिए आप क्‍या करेंगे – मानसिक उद्वेलन
  • राष्‍ट्रीय सामाजिक अध्‍ययन शिक्षण का राष्‍ट्रीय पाठ्यक्रम बनाया गया – 2005
  • भारतवर्ष में सामाजिक विज्ञान पढ़ाने के लिए पाठ योजना किस आधार पर बनती है – हरबर्ट की पंचपदीय प्रणाली
  • शिक्षण को रोचक तथा सार्थक बनाने के लिए सबसे अधिक महत्‍वपूर्ण है – श्रव्‍य-दृ‍श्‍य सामग्री
  • अध्‍यापक के व्‍यावसायिक उन्‍नयन के लिए उपयोगी है – निरोपचारिक शिक्षा
  • शिक्षण में कितने प्रकार का सहसम्‍बन्‍ध्‍ा मिलता है – 3
  • शिक्षण में पढ़ाते समय सबसे पहले क्‍या बनाया जाता है – इकाई योजना
  • प्रस्‍तावना, प्रस्‍तुतीकरण, तुलना और संबंध, सामान्‍यीकरण और प्रयोग सोपान है – हरबर्ट
  • सतत् एवं व्‍यापक मूल्‍यांकन का प्रमुख उद्देश्‍य है – गुणात्‍मक, निदानात्‍मक, परिणामात्‍मक
  • योजना विधि के मुख्‍य सोपान है – समस्‍या की पहचान – आँकड़ों का संकलन – निष्‍कर्ष – समाधान
  • प्राथमिक स्‍तर पर पर्यावरण अध्‍ययन के लिए कौन सी विधि प्रभावशाली है – कहानी विधि
  • ज्ञानात्‍मक पक्ष का अंतिम स्‍तर क्‍या है – मूल्‍यांकन
  • शिक्षण प्रक्रिया में किसे आश्रित चर कहा जाता है – छात्र
  • डाल्‍टन शिक्षण विधि का विकास किसने किया – मिस हेलेन पार्कहर्स्‍ट
  • आधुनिक शिक्षण अधिगम प्रक्रिया में, शिक्षक की भूमिका है – सीखने हेतु एक अच्‍छे सुलभकर्ता की
  • शिक्षा का अति महत्‍वपूर्ण उद्देश्‍य है – बच्‍चों का सर्वांगीण विकास करना
  • शिक्षण अधिगम प्रक्रिया को प्रारम्‍भ करने से पहले एक कुशल अध्‍यापक को क्‍या करना चाहिए – अधिगम परिस्थितियाँ उत्‍पन्‍न करना।
  • निम्‍नलिखित में से आगमन विधि का कौनसा पद नहीं है – परिकल्‍पनाओं का निर्माण
  • हरबर्ट उपागम पर आधारित गणितीय पाठ योजना का दूसरा पद है – प्रस्‍तुतीकरण
  • एन. सी. एफ. 2005 के अनुसार गणित शिक्षण होना चाहिए – बालकेन्द्रित
  • विभाजन, तुलना आलोचना इत्‍यादि क्रियाएँ, शैक्षिक उद्देश्‍यों के ज्ञानात्‍मक पक्ष के कौन से स्‍तर से सम्‍बन्धित है – विश्‍लेषण
  • अंधे बालकों को शिक्षण देने की पद्धति है – ब्रेललिपि
  • राष्‍ट्रीय पाठ्यचर्चा की रूपरेखा, 2005 में बातचीत की गई – ज्ञान स्‍थायी है व दिया जाता है से ज्ञान का विकास होता है और इसकी संरचना होती है।
  • निम्‍नलिखित में से कौन सा कथन शिक्षण के बारे में सत्‍य नहीं है – शिक्षण अनुदेशन है।
  • निम्‍न कक्षाओं में शिक्षण की खेल विधि आधारित है – विकास व वृद्धि के मनोवैज्ञानिक सिद्धान्‍तों पर
  • भारत के संविधान की क्‍या विशेषताएँ है – यह प्रश्‍न है  ज्ञान परक
  • राष्‍ट्रीय पाठ्यचर्चा रूपरेखा, 2005के अन्‍तर्गत परीक्षा सुधारों में निम्‍नलिखित में से किस सुधार को सुझाया गया है – खुली पुस्‍तक परीक्षा, सतत् / निरन्‍तर एवं व्‍यापक मूल्‍यांकन, सामूहिक कार्य मूल्‍यांकन
  • राष्‍ट्रीय पाठ्यचर्या रूपरेखा, 2005 में गुणवत्‍ता आयाम शीर्षक के अन्‍तर्गत अधिक महत्‍व दिया गया है – बालकों के लिए संरचित अनुभव एवं पाठ्यक्रम सुधार को
  • राष्‍ट्रीय पाठ्यचर्या रूपरेखा, 2005 में निम्‍नलिखित में से किस परीक्षा सम्‍बन्‍धी सुधारों को सुझाया गया है– कक्षा 10 की परीक्षा ऐच्छिक हो।
  • राष्‍ट्रीय पाठ्यचर्या रूपरेखा, 2005 के आधारभूत सिद्धान्‍तों में निम्‍नलिखित में से कौन सा भाग सिम्मिलित नहीं हैं – रटने को महत्‍व प्रदान न करना।
  • राष्‍ट्रीय पाठ्यचर्या रूपरेखा, 2005 के अनुसार गणित शिक्षण का मुख्‍य उद्देश्‍य है – बच्‍चों में तार्किक चिंतन तथा समस्‍या समाधान योग्‍यता को विकसित करना।
  • नि:शक्‍त बच्‍चों के लिए समेकित शिक्षा की केन्‍द्रीय प्रायोजित योजना का उद्देश्‍य है …….. में नि:शक्‍त बच्‍चों को शैक्षिक अवसर उपलब्‍ध कराना – नियमित विद्यालयों
  • छोटे शिक्षार्थियों में निम्‍नलिखित में से कौन सा लक्षण ‘पठन-कठिनाई’ का नहीं है – शब्‍दों और विचारों को समझने में कठिनाई
  • शिक्षार्थियों का ‘आत्‍म-नियम’ ………. की ओर संकेत करता है – अपने सीखने का स्‍वयं पर्यवेक्षण करने की उनकी योग्‍यता
  • प्रत्‍येक शिक्षार्थी स्‍वयं में विशिष्‍ट है। इसका अर्थ है कि – कोई भी दो शिक्षार्थी अपनी योग्‍यताओ, रूचियों और प्रतिभाओं में एक समान नहीं होते।
  • एक बहु-सांस्‍कृतिक कक्षा-कक्ष में एक अध्‍यापितका सुनिश्चित करेगी कि आकलन में निम्‍नलिखित में से सम्मिलित हो – अपने विद्यार्थियों की सामाजिक-सांस्‍कृतिक पृष्‍ठभूमि
  • शिक्षार्थी जो पहले सीख चुके हैं उसकी पुनरावृत्ति और प्रत्‍यास्‍मरण में शिक्षार्थियों की मदद करना महत्‍तपूर्ण है क्‍योंकि – नई जानकारी को पूर्व जानकारी से जोड़ना सीखना को समृद्ध बनाता है।
  • सृजनात्‍मक उत्‍तरों के लिए आवश्‍यक है – मुक्‍त-अत्‍तर वाले प्रश्‍न
  • शिक्षार्थियों को ……….. के लिए प्रोत्‍साहित नहीं करना चाहिए – शिक्षक जो पूछ सकते हैं उन सभी प्रश्‍नों के उत्‍तर याद करने
  • निम्‍नलिखित में से कौन सा रचनात्‍मक आकलन (Formative Assessment) के लिए उचित उपकरण नहीं है – सत्र परीक्षा
  • विद्यार्थियों के सीखने में जो रिक्तियाँरह जाती है उनके निदान के बाद ……… होना चाहिए। – समुचित उपचारात्‍मक कार्य
  • भारतीयसमाज की बहुभाषिक विशेषता को ………. देखा जाना चाहिए – विद्यालयी जीवन को समृद्ध बनाने के संसाधन के रूप में
  • स्मिथ ने शिक्षण की त्रिध्रुवी प्रक्रिया में कार्यवाहक माना है – शिक्षक को
  • ‘पाठ्यक्रम’ निम्‍नलिखित में से शिक्षण के कौन से चर में आता है – मध्‍यस्‍थ
  • राष्‍ट्रीय पाठ्यचर्या रूपरेखा, 2005 में शांति शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए कुछ क्रियाओं की अनुशंसा की गई, पाठ्यक्रमरूपरेखा में निम्‍न‍िलिखित में से किसे सूचीबद्ध किया गया है – महिलाओं के प्रति आदर एवं जिम्‍मेदारी का दृष्टिकोण विकसित करने के लिए कार्यक्रम आयोजित किए जाए।
  • राष्‍ट्रीय पाठ्यचर्या रूपरेखा, 2005 में बहुभाषी को एक संसाधन के रूप में समर्थन दिया गया है क्‍योंकि – यह एक तरीका है जिसमें प्रत्‍येक बालक सुरक्षित महसूस करें।, भाषागत पृष्‍ठभूमि के कारण कोई भी बालक पीछेन छूट जाए।, यह बालकों को अपने विश्‍वास के लिए प्रात्‍साहन देगा।
  • निगमन प्रणाली का तात्‍पर्य है – पहले नियम बताना फिर उसकी व्‍याख्‍या करना।
  • ‘एक राष्‍ट्र के विद्यालय उसके जीवन के अंग है, जिनका विशेष कार्य है, उसकी आध्‍यात्मिक शक्ति दृढ़ बनाना। उसकी ऐतिहासिक निरन्‍तरता को बनाये रखना, उसकी भूतकाल की सफलताओं को सुरक्षित रखना और उसके भविष्‍य की गारण्‍टी करना।” उक्‍त कथन किसके द्वारा किया गया है – जॉन डीवी
  • निम्‍न में कौन-सा सिद्धान्‍त शिक्षण साधनों के चयन में मार्गदर्शक नहीं है – भौतिक नियंत्रण का सिद्धान्‍त
  • विभिन्‍न श्रव्‍य- दृश्‍य सामग्रियों के संबंध को प्रदर्शित करने के‍ लिए अनुभवों का शंकु देनेवाले विद्वान है – एडगर डेले
  • निर्देशन, अधिगमकर्ता के मानसिक स्‍वास्‍थ्‍य को सुधारने में सहायक हैं, क्‍योंकि – यह अधिगमकर्ता के आगामी व्‍यवहार तथा दृष्टिकोण को अच्‍छी सहायता प्रदान करता है।
  • शिक्षण प्रतिमान के तत्‍व हैं – लक्ष्‍य एवं उद्देश्‍य, उद्देश्‍य एवं संरचना, सामाजिक प्रणाली एवं मूल्‍यांकन
  • आधुनिक अभिक्रमित अनुदेशन की उत्‍पत्ति का कारक है – अधिगम का मनोविज्ञान व तकनीकी
  • लघु पदों के सिद्धान्‍त का संबंध है – रेखीय अभिक्रमित
  • यह अधिगम तथा मूल्‍यांकन को जोड़ता है, यह स्‍वाधिगम तथा स्‍वमूल्‍यांकन का प्रकार है, अत: इसके द्वारा सीखना है – व्‍यक्तिगत
  • प्रत्‍येक अधिगमकर्ता एक समान रास्‍ते का अनुकरण करता है – अवरोह अभि‍क्रमित
  • विद्यार्थियों से प्रतिक्रिया प्राप्‍त करने का आदर्श ‘प्रतीक्षा समय’ ………….. के सही अनुपात में होना चाहिए – प्रश्‍न का कठिनाई स्‍तर
  • मान लीजिए आप विद्यालय शिक्षा बोर्ड के अध्‍यक्ष हैं,आप अपने अधिकार क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले विद्यालयों की शिक्षा की सम्‍पूर्ण गुणवत्‍ता को सुधारने के लिए क्‍या योजना बनाएँगे? इस प्रकार का प्रश्‍न ………… का एक उदाहरण है – उच्‍च स्‍तरीय अपसारी
  • सीखने ………….. आकलन, आकलन और अनुदेशन के बीच ………… के दृढ़ीकरण द्वारा सीखने को प्रभावित करता है – के लिए; संबंधों
  • सतत् और व्‍यापक मूल्‍यांकन की योजना में ‘व्‍यापक’ शब्‍द ………. के अलावा निम्‍नलिखित के द्वारा समर्थित किया जाता है – जे.पी. गिलफोर्ड का बुद्धि संरचना का सिद्धान्‍त
  • कक्षा-कक्ष में शिक्षक और शिक्षार्थी किस प्रकार जेंडर को ………. करते हैं, यह सीखने के वातावरण ………… – रूपांतरित, को क्षुब्‍ध करता है।
  • विज्ञान के प्रयोगों में, सामान्‍यत: लड़के उपकरणों का नियंत्रण अपने हाथों में लेते हैं और लड़कियों से आँकड़ों को रिकॉर्ड करने अथवा बर्तनों को धोने के लिए कहते हैं। यह प्रवृत्ति यह दर्शाती है कि – पुरुष और स्‍त्री की रूढि़बद्ध भूमिकाएँ विद्यालय में भी होती है।
  • सी. बी. एस. ई. द्वारा प्रस्‍तावित समूह-परियोजना गतिविधि ………….. का एक सशक्‍त साधन है – सामाजिक भागीदारिता को सुगम बनाने
  • रेवन का प्रोग्रेसिव मैट्रिसिज परीक्षण ……….. परीक्षण का उदाहरण है – संस्‍कृतिमुक्‍त बुद्धि लब्‍धांक
  • निम्‍नलिखित में से कौन सा सिद्धान्‍त पाठ योजना में शामिल नहीं है – योजना की ढृढ़ता
  • जॉन डयूबी द्वारा समर्थित ‘लैब विद्यालय’ के उदाहरण है – प्रगतिशील विद्यालय
  • लॉरेंस कोह्लबर्ग के द्वारा प्रस्‍तावित निम्‍नलिखित चरणों में से प्राथमिक विद्यालयों के बच्‍चे किन चरणों का अनुसरण करते हैं – आज्ञापालन और दण्‍ड-उन्‍मुखीकरण, अच्‍छे अंत: वैयक्तिक संबंध
  • एक विद्यार्थी कहता है, ‘उसका दादा आया है।’ एक शिक्षक होने के नाते आपकी प्रतिक्रिया होनी चाहिए – अच्‍छा, उसके दादाजी आए हैं।
  • …………. के अलावा निम्‍नलिखित घटना / वृतांत रिकार्ड की विशेषताएँ हैं – यह व्‍यवहार का व्‍यक्तिनिष्‍ठ साक्ष्‍य है और इसलिए यह शैक्षणिक क्षेत्र के लिए प्रतिपुष्टि (फीडबैक) उपलब्‍ध नहीं करता।
  • मिश्रित आयु-वर्ग के विद्यार्थियों की कक्षा से व्‍यवहार रखने वाले शिक्षक के लिए …………. का ज्ञान सर्वाधिक है – विकासात्‍मक अवस्‍थाओं

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